Diwali laxmi puja muhurat 2022, दिवाली लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त यहाँ देखे, सही तारीख को मनाये दिवाली

Diwali laxmi puja muhurat 2022- हर साल हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है परंतु इस साल दिवाली 24 अक्टूबर के दिन सोमवार को मनाई जाएगी साथियामा कोई भी बता दें कि इस बार दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया माना गया है क्योंकि अमावस्या तिथि होने के साथ-साथ सूर्य ग्रहण का सूतक काल भी बताया जा रहा है दिवाली के दिन हम आपको यह बता दे कि हम इस लिए मनाते हैं क्योंकि माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने से मान प्रतिष्ठा धन वैभव आदि में वृद्धि होती है माननीय ज्योतिषाचार्य डॉ अजय भांबी के द्वारा हम आपको यह जानकारी बता रहे हैं उन्होंने दीपावली के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है जो हम आपको स्टेप बाय स्टेप बताने जा रहे हैं

Diwali laxmi puja muhurat 2022
Diwali laxmi puja muhurat 2022

Diwali laxmi puja muhurat 2022- आइए हम आपको जीवन से जुड़ी सभी प्रकार के महत्वपूर्ण दिनांक और महत्वपूर्ण सामग्री तथा महत्वपूर्ण समय इन चीजों के बारे में हम आपको विस्तृत रूप से बताने की चेष्टा करेंगे तथा आप इन सब को ध्यानपूर्वक पढ़कर अपनी दिवाली को शुभ तथा उल्लास पूर्वक मना पाए। हम यहां नीचे कुछ ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में बात करेंगे जो इस दिवाली के लिए महत्वपूर्ण है जो हम सबको जानना बेहद जरूरी है।

Diwali laxmi puja muhurat 2022

Diwali laxmi puja muhurat 2022- ज्योतिषाचार्य डॉ अजय भांबी के पंचांग विवरण अनुसार इस साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 24 अक्टूबर दिन सोमवार को साईं काल 5:04 से प्रारंभ होने जा रही है पुण्यतिथि अगले ही दिन 25 अक्टूबर सोमवार को साईं काल 5:35 तक मान्य की जाएगी अतः आप समय का ध्यान रखते हैं शुभ मुहूर्त पर पूजा प्रारंभ करें। हम आपको बता दें कि दीपावली पर हर वर्ष भगवान गणेश तथा माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है जो की अमावस्या तिथि में रात्रि के समय ही होती है लगभग इस वजह से 24 अक्टूबर सोमवार को हस्त नक्षत्र के बाद चित्र नक्षत्र और उसके बाद विश्व कुंभ योग में दिवाली पूजन और दीपदान होगा इसलिए प्रातः काल में चतुर्दशी तिथि होने के कारण हम सुबह में हनुमान जी के दर्शन करना शुभ फलदाई माना गया है

Diwali laxmi puja muhurat 2022,लक्ष्मी पूजा की महत्वपूर्ण सामग्री।

Diwali laxmi puja muhurat 2022- जैसे हम सब जानते हैं कि दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश तथा कुबेर जी की पूजा करते हैं उनकी पूजा करने के लिए हमें महत्वपूर्ण सामग्री की आवश्यकता होती है इन महत्वपूर्ण सामग्रियों में जैसे कि हम आपको बता दें कि कुबेर यंत्र का पूजन सबसे लाभदायक माना जाता है यह है आपकी उन्नति के लिए सबसे उत्तम माना जाता है जो सामग्री में सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है

लक्ष्मी जी की मूर्ति, और गणेश जी की मूर्ति ,तथा कुबेर जी की तस्वीर, और लाल वस्त्र ,पीले वस्त्र, चौकी, तथा देवी देवताओं के लिए आसन ,और चढ़ाने के लिए वस्तु अक्षत ,हल्दी ,रुई ,कमलगट्टा ,कमल फूल ,लाल गुलाब, लाल फूल ,रोली ,धनिया ,सिंदूर ,पान का पत्ता, सुपारी, पंच पल्लव ,दुर्वा ,कुछ सप्तधान्य ,कुमकुम, चंदन, धूप दीप ,गंध ,सफेद मिठाई ,खीर, पताशा ,मोदक ,खील ,बताशे ,अक्षत ,श्री यंत्र, कुबेर यंत्र ,चांदी या सोने का सिक्का ,और नारियल संघ ,कोड़ी , रुई की बत्ती, दीया ,इलायची, रक्षा सूत्र ,केले के पत्ते, कपूर, गुलाब, एक शोभित गंगाजल ,शुद्ध घी, नवेद ,दही ,दूध ,शहद , आदि कई प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल होता है।

Diwali laxmi puja muhurat 2022- ग्रहण काल का समय

Diwali laxmi puja muhurat 2022- आइए हम आपको बताते हैं दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा मुहूर्त के दिन ग्रहण काल कब तक रहने वाला है तो हम आपको बता दें कि 24 अक्टूबर शाम 6:55 से रात 8:51 तक तथा 24 अक्टूबर देर रात 1:00 बज कर 23 मिनट से अगली सुबह 3:37 तक रहने वाला है इस मूर्ति को ध्यानपूर्वक पढ़कर अपनी दिवाली पूजा को शुभ मुहूर्त में करने का प्रयास करें तथा अशुभ मुहूर्त को टाले।

Diwali laxmi puja muhurat 2022, लक्ष्मी पूजन की विधि।

  • Diwali laxmi puja muhurat 2022 -सबसे पहले चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां रखें उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे।
  • लक्ष्मीजी, गणेशजी की दाहिनी ओर रहें।
  • पूजनकर्ता मूर्तियों के सामने की तरफ बैठें।
  • कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें।
  • नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे व इसे कलश पर रखें। यह कलश वरुण का प्रतीक है।
  • दो बड़े दीपक रखें। एक घी का, दूसरा तेल का। एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें व दूसरा मूर्तियों के चरणों में। एक दीपक गणेशजी के पास रखें
  • मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  • कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह की प्रतीक नौ ढेरियां बनाएं।
  • गणेशजी की ओर चावल की सोलह ढेरियां बनाएं। ये सोलह मातृका की प्रतीक हैं। नवग्रह व षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं।
  • इसके बीच में सुपारी रखें व चारों कोनों पर चावल की ढेरी।
  • सबसे ऊपर बीचोंबीच ॐ लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें।

थालियों की निम्नानुसार व्यवस्था करें- 1. ग्यारह दीपक, 2. खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, 3. फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक

अब विधि-विधान से पूजन करें और इन थालियों के सामने यजमान बैठे। आपके परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें। कोई आगंतुक हो तो वह आपके या आपके परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे।

Diwali laxmi puja muhurat 2022- जैसा कि हमने आपको दिवाली पूजा से जुड़े समस्त प्रकार की जानकारी के बारे में अवगत कराएं जैसे कि हमने आपको बताया है कि किस प्रकार महत्वपूर्ण सामग्रियों की आवश्यकता होती है पूजा में किस प्रकार पूजा की जाती है पूजा करने की विधि शुभ अशुभ मुहूर्त के बारे में

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